Hindi Test 3 P1 1 / 20 स्कूलों में प्रायः व्याकरण शिक्षण नीरस व अरुचिकर हो जाता है। इसका कारण क्या है? शिक्षकों को व्याकरण का पर्याप्त ज्ञान न होना अन्य विषयों के शिक्षण में किसी भाषा के व्याकरण का कोई योगदान नहीं होता व्याकरण के सिद्धान्त के लिए प्रायः पुस्तक प्रणाली का सहारा लिया जाता है व्याकरण सीखने में छात्रों की रुचि नहीं होती 2 / 20 आगमन विधि में हम बढ़ते हैं [CTET June 2011, Sept 2015] भाषा से व्याकरण की ओर व्याकरण से भाषा की ओर नियम से उदाहरणों की ओर उदाहरणों से नियम की ओर 3 / 20 मुहावरें और लोकोक्तियों का प्रयोग करना [CTET Jan 2012] भाषिक अभिव्यक्ति को प्रभावी बनाता है केवल पाठों के अभ्यासों का हिस्सा है व्याकरण का प्रमुख हिस्सा है हिन्दी भाषा-शिक्षण का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य है 4 / 20 मुहावरे, लोकोक्तियों का प्रयोग [CTET Feb 2014] भाषा-शिक्षण का एकमात्र उद्देश्य है दूसरों को प्रभावित करने का सरल तरीका है भाषा को आकर्षक बनाता है भाषिक अभिव्यक्ति को प्रभावी बनाता है 5 / 20 उच्च प्राथमिक स्तर पर व्याकरण-शिक्षण का कौन-सा तरीका सर्वाधिक प्रभावी है? [CTET Feb 2014] व्याकरणिक बिन्दुओं पर कार्यपत्रक बनाकर देना बच्चों को भाषाभ्यासशाला में व्याकरणिक कौशलों का अभ्यास कराना व्याकरण के बिन्दुओं पर एक-एक करके चर्चा करना पढ़ाए जा रहे पाठ के सन्दर्भ में आए किसी व्याकरणिक बिन्दु को स्पष्ट करना 6 / 20 व्याकरण-शिक्षण की अपेक्षाकृत बेहतर विधि है [CTET Sept 2014] आगमन विधि निगमन विधि सूत्र विधि पुस्तक विधि 7 / 20 भाषा और लिपि के सन्दर्भ में कौन-सा कथन सही है? [CTET Feb 2015] प्रत्येक भाषा को एक विशिष्ट लिपि में ही लिखा जा सकता है प्रत्येक भाषा की एक निश्चित लिपि होती है भाषा को समझने के लिए केवल लिपि ही उत्तरदायी है किसी भी भाषा को किसी भी लिपि में लिखा जा सकता है 8 / 20 व्याकरण शिक्षण के सन्दर्भ में आपका बल किस बिन्दु पर होगा? [CTET Feb 2015] व्याकरण के नियमों की सैद्धान्तिक विवेचना पर व्याकरण के व्यावहारिक पक्ष पर व्याकरणिक कठिनाई को पहचान पर व्याकरणिक नियमों को कंठस्थ करने पर 9 / 20 व्याकरण-शिक्षण की वह पद्धति अपेक्षाकृत अधिक उचित है, जिसमें [CTET Feb 2016] बच्चे नियमों को कंठस्थ कर लेते हैं बच्चे उदाहरणों से नियमों की ओर जाते हैं बच्चे नियमों से उदाहरणों की ओर जाते हैं बच्चे भाषा का प्रयोग करते हैं 10 / 20 व्याकरण के ज्ञान का मुख्य उद्देश्य है [CTET Sept 2016] व्याकरणिक बिन्दुओं की पर्याप्त समझ करना भाषा-प्रयोग में अशुद्धतावादी होना व्याकरणिक त्रुटियों को समझ पाना भाषा-प्रयोग में व्याकरण का ध्यान रखना 11 / 20 भाषा प्रयोग की कुशलता सम्भव है केवल साहित्य पढ़ने से केवल साहित्य पढ़ने से अधिक-से-अधिक भाषा प्रयोग से केवल भाषा सुनने से 12 / 20 भाषा एक …….. विषय है। वैज्ञानिक व्यावहारिक नीरस चुनौतीपूर्ण 13 / 20 भाषा की प्रकृति के सन्दर्भ में कौन-सा कथन उचित नहीं है? भाषा व्यवहारों व व्याकरणिक नियमों का अनुसरण करती है भाषाएँ एक-दूसरे के सान्निध्य में विकसित होती हैं भाषा एक नियमबद्ध व्यवस्था है भाषा को जितना अधिक प्रयुक्त किया जाएगा, उतनी ही वह एक मजबूत होती जाएगी 14 / 20 निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है? बोली अस्थायी होती है और लिखित भाषा की अपेक्षा काफी तेजी से बदलती रहती है भाषा और लिपि के बीच कोई निश्चित सम्बन्ध नहीं होता है विश्व की सभी भाषाएँ थोड़े से फेरबदल से एक ही लिपि में नहीं लिखी जा सकती है उपर्युक्त सभी 15 / 20 सुननाकौशल का विकास करने से कौन-सा कार्य नहीं है? कविता पूरी करना चित्र या आधारित मौखिक अथवा लिखित वर्णन प्रश्नों के उत्तर देना अधूरी कहानी को पूरा करना 16 / 20 जो बच्चे नहीं सुन सकते… वे सही भाषा सीख जाते हैं वे भाषा का प्रयोग लिखित रूप में कर सकते हैं वे भाषा सीख नहीं सकते वे भाषा का प्रयोग लिखित रूप में कर सकते हैं 17 / 20 दैनिक कार्यों में मनुष्य किन दो कौशलों का सर्वाधिक प्रयोग करता है? केवल पढ़ने भाषा कौशल श्रवण एवं पठन कौशल पढ़े गए अंश को अनुगूँज करना बच्चों में पढ़ने सम्बन्धी झिझक को समाप्त करना 18 / 20 इनमें से किस क्रियाकलाप के लिए मौखिक अभिव्यक्ति की आवश्यकता नहीं होती है? वाद-विवाद प्रतियोगिता भाषण समाचार कविता लेखन 19 / 20 सुनना कौशल में शामिल है दूसरों को बात सुनने में रुचि, धैर्य और प्रतिक्रिया प्रश्नों को ध्यानपूर्वक सुनने की क्षमता का विकास ध्यानपूर्वक सुनना सुने हुए शब्दों की केवल पुनरावृत्ति 20 / 20 सुनना-बोलना कौशलों के विकास के लिए सर्वोत्तम विधि कौन-सी हो सकती है? कहानी कहने और बच्चों की प्रतिक्रिया जानना कविता याद करवाकर बुलवाना बच्चों के समूह द्वारा पाठ के अनुच्छेद पढ़कर सुनाना अनुशासन गतिविधि का आयोजन करना Your score is 0% Restart quiz Post navigation Hindi Test 2P2 Hindi Test 3 P2