Hindi Test 5 P1 1 / 20 पियाजे थे— मनोविश्लेषक मनोवैज्ञानिक समाजशास्त्री दार्शनिक 2 / 20 निम्न में से विकास कथन है कि संज्ञानात्मक विकास सरल पर आधारित न होकर खोज पर आधारित होता है? जीन पियाजे का कोहलबर्ग का स्किनर का वायगोत्स्की का 3 / 20 पियाजे के अनुसार, विकास की पहली अवस्था (जन्म से लगभग 2 वर्ष की आयु) के दौरान बच्चे सबसे बेहतर सीखते हैं— निष्क्रिय (Neutral) रूप से समझने के द्वारा इंद्रियों के माध्यम से क्रिया द्वारा भाषा के नए अर्जित ज्ञान के अनुकरण द्वारा बुद्धि के अभ्यास द्वारा 4 / 20 पियाजे के अनुसार, संज्ञानात्मक विकास के किस चरण पर बच्चा वस्तु स्थायित्व को प्रदर्शित करता है? पूर्व संक्रियात्मक चरण औपचारिक संक्रियात्मक चरण संवेदन-क्रियात्मक चरण उत्तर संक्रियात्मक चरण 5 / 20 इंद्रियजनित नामक अवस्था होती है— जन्म से 3 वर्ष तक 2 से 7 वर्ष तक जन्म से 2 वर्ष तक 11 से 18 वर्ष तक 6 / 20 बच्चों में भाषा का विकास प्रारंभ हो जाता है— संवेदनात्मक अवस्था में पूर्व संक्रियात्मक अवस्था में मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था में 7 / 20 पियाजे के किसी बच्चे के विचारों में नए विचारों के समावेश हो जाने को क्या कहा है? व्यवस्थापन आत्मसात्करण समायोजन निर्माण 8 / 20 पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार विकास— क्रमिक रूप से बढ़ने वाली प्रक्रिया है निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है 1 और 2 दोनों उपर्युक्त में से कोई नहीं 9 / 20 शिक्षकों को प्रयोगात्मक शिक्षा एवं व्यावहारिक शिक्षा पर बल देना चाहिए। प्रयोगों के माध्यम से बालकों में नवीन विचार एवं समस्या हल करने की क्षमता का सृजन होता है। निम्न में से यह कथन सम्बन्धित है— पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धान्त से वाइगोत्स्की के सामाजिक विकास के सिद्धान्त से कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धान्त से बान्दुरा के सिद्धान्त से 10 / 20 बच्चों के विकास से सम्बन्धित चिन्तन एवं खोज का सिद्धान्त निम्न में से किसने दिया था? स्किनर ने ब्रूनर ने पियाजे ने कोहलबर्ग ने 11 / 20 पियाजे द्वारा बताई गई संज्ञानात्मक विकास की चार अवस्थाओं में औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की अवधि है— जन्म से 2 वर्ष तक 2 से 7 वर्ष तक 7 से 11 वर्ष तक 11 वर्ष से लेकर वयस्कता तक 12 / 20 बाल्यावस्था के अनुसार स्वयं को बदलना कहलाता है— समाजीकरण समायोजन अनुकरण संवर्धन 13 / 20 कोहलबर्ग के द्वारा प्रस्तावित निम्नलिखित चरणों में से प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे किस चरण में आते हैं? A. आज्ञापालन और दण्ड-उन्मुखता B. स्वार्थपरकता और विनिमय C. अच्छे लड़के–अच्छी लड़की सम्बन्ध D. सामाजिक अनुबन्ध और व्यक्तिगत अधिकार कूट: A और B A और C B और A B और D 14 / 20 निम्न में से किसने नैतिक विकास की अवस्थाओं के सिद्धान्त का प्रतिपादन किया? जॉन ड्यूई ने कोहलबर्ग ने फ्रायड ने थॉर्नडाइक ने 15 / 20 कोहलबर्ग के अनुसार सही और गलत के बारे में बच्चे निर्णय करते हैं— अलग आयु में अलग तरीके से अलग बच्चों में समान तरीके से उत्तेजना के अनुसार सामाजिक तथा समूह निर्देशों के अनुसार 16 / 20 कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास के सिद्धान्त के अनुसार पूर्व नैतिक अवस्था की अवधि है— जन्म से 5 वर्ष की आयु तक जन्म से 2 वर्ष की आयु तक तीसरे वर्ष से 6 वर्ष की आयु तक सातवें वर्ष से लेकर किशोरावस्था के प्रारम्भ तक 17 / 20 कोहलबर्ग के अनुसार परम्परागत नैतिक स्तर का काल है— 4 से 10 वर्ष तक 10 से 13 वर्ष तक 13 वर्ष से आगे तक 3 से 13 वर्ष तक 18 / 20 कोहलबर्ग द्वारा प्रतिपादित नैतिक विकास की अवस्थाओं के सिद्धान्त के अनुसार नैतिकता का सार्वभौमिक सिद्धान्त किस अवस्था से सम्बन्धित है? सामाजिक अनुबन्ध अवस्था परम्परागत नैतिक अवस्था सार्वभौमिक नैतिकता अवस्था आत्मकेन्द्रित अवस्था 19 / 20 निम्नलिखित में से कौन-सा सुमेलित नहीं है? पूर्व नैतिक स्तर — दण्ड एवं आज्ञापालन अभिविन्यास परम्परागत नैतिक स्तर — अधिकार संरक्षण अभिविन्यास उत्तर परम्परागत नैतिक स्तर — परस्पर अनुबन्ध अभिविन्यास सामाजिक अनुबन्ध — जीवन निर्णय नैतिक अवस्था 20 / 20 बच्चों में ‘आत्मकेन्द्रित आत्मचेतना’ का सम्बन्ध नैतिक विकास की किस अवस्था से सम्बन्धित है? पूर्व नैतिक अवस्था उत्तर परम्परागत अवस्था उपर्युक्त में से कोई नहीं परम्परागत अवस्था Your score is 0% Restart quiz Post navigation Hindi Test 4 P2 Hindi Test 5 P2